Khula Khel Farrukkhabadi

Chup Mat Raho

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vishleshak


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धर्म का प्रभाव ।

Posted On: 6 Dec, 2012  
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युवाओं की दिशा

Posted On: 25 May, 2012  
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कथित बड़े भाईयों ,अब तो बड़े बन जाओ ।

Posted On: 2 May, 2012  
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सांसदों की सच्चाई से संसद का अपमान कैसे ?

Posted On: 2 May, 2012  
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शायद अब राहुलजी को शादी कर लेनी चाहिए ।

Posted On: 7 Mar, 2012  
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वोट किसे करें

Posted On: 26 Jan, 2012  
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क्या राजनीति करने वालों की एक नई जाति पैदा हो गयी है ?

Posted On: 17 Jan, 2012  
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जनता क्या करे ?

Posted On: 15 Jan, 2012  
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काली स्याही सरकार पर क्यों नहीं ?

Posted On: 14 Jan, 2012  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा:

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के द्वारा: vishleshak vishleshak

नमस्कार ! विश्लेषक जी ! आपने सही लि£ा है कि राजनीति में परिवारवाद नहीं हाना चाहिये। वैसे तो जितने भी शब्दों में बाद में ‘वाद’ जोडा जाता है जैसे जातिवाद; धर्मवाद; क्षेत्रवाद; भाषावाद आदि और जब इनको व्यवहार में लाया जाता है तो परिणाम अच्छे नहीं आते हैं। अत: मेरे विचार से सभी कार्यक्षेत्रों में ‘वाद’ से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिये। रही बात पार्टियों की तो उनमे से कोई भी जनता के हितों से सीधे सरोकार नहीं रखती है बलिक केवल दिखावा करती है और अपने हितों के सापेक्ष ही कार्य करती है। चुनाव का उम्म्ीदवार कोई भी हो मेरे विचार से वोट देने के पहले कुछ लोगों का समूह बनाकर यदि उससे वोट मागते समय क्रासक्वैश्चन किये जाय तो ये तथाकथित समाजसेवी कुछ सीमातक सब्जबाग दिखाना शायद बंद कर दें और सरकारी खर्चे पर चुनाव कराये जाने के आपके विचारों से मै भी सहमत हू। अपने लेख पर आपके विचारों का स्वागत करता हूँ ! http://yogensaraswat.jagranjunction.com/2012/02/23/

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

आदरणीय महोदय आपने सही लि£ा है कि राजनीति में परिवारवाद नहीं हाना चाहिये। वैसे तो जितने भी शब्दों में बाद में 'वाद' जोडा जाता है जैसे जातिवाद; धर्मवाद; क्षेत्रवाद; भाषावाद आदि और जब इनको व्यवहार में लाया जाता है तो परिणाम अच्छे नहीं आते हैं। अत: मेरे विचार से सभी कार्यक्षेत्रों में 'वाद' से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिये। रही बात पार्टियों की तो उनमे से कोई भी जनता के हितों से सीधे सरोकार नहीं रखती है बलिक केवल दिखावा करती है और अपने हितों के सापेक्ष ही कार्य करती है। चुनाव का उम्म्ीदवार कोई भी हो मेरे विचार से वोट देने के पहले कुछ लोगों का समूह बनाकर यदि उससे वोट मागते समय क्रासक्वैश्चन किये जाय तो ये तथाकथित समाजसेवी कुछ सीमातक सब्जबाग दिखाना शायद बंद कर दें और सरकारी खर्चे पर चुनाव कराये जाने के आपके विचारों से मै भी सहमत हू।

के द्वारा: jagobhaijago jagobhaijago

के द्वारा: vishleshak vishleshak




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